Learning Objectives
- रामवृक्ष बेनीपुरी की रेखाचित्र शैली को समझना
- बालगोबिन भगत के व्यक्तित्व को जानना
- सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने का साहस समझना
- रेखाचित्र विधा की विशेषताओं को जानना
Key Concepts
लेखक परिचय
रामवृक्ष बेनीपुरी (1899-1968) हिंदी के प्रसिद्ध रेखाचित्रकार और निबंधकार हैं। प्रमुख रचनाएँ: माटी की मूरतें, गेहूँ और गुलाब।
बालगोबिन भगत का व्यक्तित्व
बालगोबिन भगत एक सामान्य गृहस्थ किसान हैं लेकिन उनका जीवन एक साधु जैसा है। वे कबीर के अनुयायी हैं। उनकी विशेषताएँ: कभी झूठ नहीं बोलते, किसी की चीज़ बिना पूछे नहीं लेते, खरी बात कहते हैं, अपनी फसल पहले कबीर मठ में ले जाते हैं फिर प्रसाद रूप में जो मिलता है उसी से गुज़ारा करते हैं।
समाज सुधारक
बेटे की मृत्यु पर बालगोबिन भगत ने अपनी बहू से चिता को मुखाग्नि दिलवाई — यह उस समय की रूढ़ियों को तोड़ने वाला कार्य था। फिर उन्होंने बहू को पुनर्विवाह करने के लिए कहा। यह उनके प्रगतिशील विचारों का प्रमाण है।
Summary
यह रेखाचित्र एक ऐसे व्यक्ति का चित्रण है जो दिखने में साधारण लेकिन विचारों में असाधारण है। बालगोबिन भगत सच्चे कबीरपंथी हैं जो सामाजिक रूढ़ियों को नकारते हैं और सरल, सत्यनिष्ठ जीवन जीते हैं।
Important Terms
- रेखाचित्र
- किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का शब्दों में सजीव चित्रण
- कबीरपंथी
- कबीर के अनुयायी, निर्गुण भक्ति में विश्वास करने वाले
- मुखाग्नि
- अंतिम संस्कार में चिता को अग्नि देना
Quick Revision
- बालगोबिन भगत सामान्य किसान लेकिन साधु जैसे जीवन वाले
- कबीर के अनुयायी, सत्यनिष्ठ, ईमानदार
- बहू से मुखाग्नि दिलवाई — रूढ़ि भंजक
- बहू को पुनर्विवाह के लिए प्रेरित किया
- फसल पहले कबीर मठ में अर्पित करते
Practice Tips
- बालगोबिन भगत के चरित्र की विशेषताएँ लिखें
- उनके प्रगतिशील विचारों पर उत्तर लिखें