NCERT Hindi Class 10 - Chapter 11: Lakhnawi Andaaz - Notes

लखनवी अंदाज़

Learning Objectives

  • यशपाल की कहानी का सार समझना
  • नवाबी अंदाज़ और दिखावे पर व्यंग्य समझना
  • हास्य-व्यंग्य शैली को पहचानना
  • सामाजिक विसंगतियों पर चिंतन करना

Key Concepts

लेखक परिचय

यशपाल (1903-1976) हिंदी के प्रसिद्ध कथाकार और उपन्यासकार हैं। प्रमुख रचनाएँ: झूठा सच (उपन्यास), ज्ञानदान (कहानी संग्रह)।

कहानी का सार

लेखक ट्रेन में सफ़र कर रहे हैं। डिब्बे में एक नवाब साहब बैठे हैं जो लखनऊ के रहने वाले हैं। नवाब साहब के पास खीरे हैं। वे बड़े नवाबी अंदाज़ से खीरे को छीलते हैं, काटते हैं, नमक-मिर्च लगाते हैं, सूँघते हैं, और फिर बिना खाए खिड़की से बाहर फेंक देते हैं। यह सब केवल दिखावा और शान बनाए रखने के लिए है।

व्यंग्य

कहानी नवाबी संस्कृति के खोखलेपन पर तीखा व्यंग्य है। नवाब साहब भूखे हैं लेकिन किसी के सामने खाना नहीं चाहते क्योंकि इससे उनकी शान गिरेगी। यह दिखावा और झूठी शान-शौकत पर करारा व्यंग्य है।

Summary

यशपाल ने इस कहानी में लखनवी नवाबी अंदाज़ के दिखावे पर व्यंग्य किया है। नवाब साहब का खीरा सूँघकर फेंक देना उनकी झूठी शान का प्रतीक है। कहानी बताती है कि दिखावा करने से कोई बड़ा नहीं होता।

Important Terms

नवाबी अंदाज़
शाही ठाट-बाट, रईसी का दिखावा
व्यंग्य
किसी बात पर कटाक्ष करना, मज़ाक उड़ाना
दिखावा
वास्तविकता से हटकर बनावटी आचरण

Quick Revision

  1. नवाब साहब ट्रेन में खीरा सूँघकर फेंक देते हैं
  2. वे लेखक के सामने खाना नहीं चाहते — दिखावा
  3. नवाबी संस्कृति के खोखलेपन पर व्यंग्य
  4. संदेश: दिखावा त्यागें, सहज रहें

Practice Tips

  • नवाब साहब के चरित्र पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी लिखें
  • कहानी के शीर्षक की सार्थकता बताएँ
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